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शान्ती हॉस्पिटल के डॉक्टरों की लापरवाही से हुई थी नवजात शिशु की मौत, न्याय के लिए परिजन दर-दर भटकने को मजबूर

बाराबंकी। ध्वज वाहक न्यूज़ ब्यूरो

जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम लोहरा निवासी ललित कुमार वर्मा ने बताया कि मै अपनी गर्भवती पत्नी सीमा देवी को डिलीवरी के लिए 26/8/2020 को शान्ती हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर दीनदयाल नगर जनपद बाराबंकी में ले गया था। जहां पर मैंने डॉक्टर से बात की और बताया कि अपनी पत्नी को कनक हॉस्पिटल बाराबंकी में दिखा चुका हूं वहां पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए बोला है। परन्तु मंटू के कहने पर अपनी पत्नी को आपके यहां इलाज के लिए लेकर आया हूं। अगर मेरी पत्नी सीमा देवी का ऑपरेशन भी करना पड़े तो करें, मुझे अपना जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित चाहिए। शांति हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर के डॉक्टरों ने अपनी मनमानी करके सीमा देवी को डिलीवरी के लिए अंदर ले गए और जबरदस्ती नॉर्मल डिलीवरी करने के प्रयास में लग गए। जिससे बच्चे का दम घुटने लगा और जब बच्चे का जन्म हुआ तो वह रो नहीं पा रहा था और वह गंभीर स्थिति में हो गया था। शांति हॉस्पिटल के डॉक्टर व स्टाफ ने नाम कमाने के चक्कर में बच्चे की जबरदस्ती नॉर्मल डिलीवरी करा दी और जब बच्चे की हालत गंभीर हो गई तो डरकर शांति हॉस्पिटल के ही स्टाफ ने बच्चे को एम्बुलेंस बुलाकर बचपन हॉस्पिटल में भर्ती कराया, वहां पर इलाज के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई। उसके बाद पीड़ित व उसके परिजनों ने शांति हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए मानवाधिकार संगठन का सहारा लिया। जहां संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती शबाना टीम सहित दिनांक 8/9/2020 को शांति हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर गई थी। जहां पर संगठन के लोगों को देख अफरा-तफरी का माहौल बन गया, मौके पर एक भी डॉक्टर व स्टाफ मौजूद नहीं मिला संगठन की टीम काफी देर इंतजार करती रही लेकिन कोई भी डॉक्टर स्टाफ या जिम्मेदार अपना पक्ष रखने को सामने नहीं आया। उसके उपरांत संगठन ने शांति हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए पुलिस अधीक्षक बाराबंकी को शिकायती पत्र देकर न्याय की मांग की है।

आपको बताते चलें कि ख़बर लिखने तक अभी शांति हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर के विरुद्ध कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है और पीड़ित के परिजन न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। परिजन का कहना है कि जो हादसा मेरे परिवार के साथ हुआ मैं नहीं चाहता हूं कि भविष्य में किसी अन्य को भी इस हादसे का शिकार होना पड़े इसलिए जब तक हॉस्पिटल के खिलाफ कोई उचित कार्यवाही नहीं होगी तब तक मैं कोशिश करता रहूंगा।

 

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